हमारा WhatsApp Channel जॉइन करें
भारत एक विशाल और विविधतापूर्ण देश है, जिसमें प्राकृतिक सौंदर्य की भरमार है। समुद्र से घिरा भारत कई अद्भुत समुद्री स्वर्ग कहें जाने वाले द्वीपों का घर है जो सैलानियों के लिए स्वर्ग से कम नहीं। विशेष रूप से अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप द्वीपसमूह अपने प्राकृतिक सौंदर्य, स्वच्छ समुद्र तटों, समुद्री जीवन और शांति के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं। आइए इन द्वीपों की एक सुंदर यात्रा पर चलें।
1. अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
स्थान और पहुंच:
भारत के समुद्री स्वर्ग कहें जाने वाले द्वीपों में से एक अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह बंगाल की खाड़ी में स्थित है और इसमें लगभग 572 छोटे-छोटे द्वीप शामिल हैं, जिनमें से केवल कुछ ही जनसंख्या वाले हैं। पोर्ट ब्लेयर इसकी राजधानी है और यह हवाई और समुद्री मार्गों से भारत से जुड़ा है।
प्रमुख द्वीप और आकर्षण:
- हैवलॉक द्वीप (अब ‘स्वराज द्वीप’)
यहां का राधानगर बीच एशिया के सबसे सुंदर समुद्र तटों में से एक माना जाता है। स्कूबा डाइविंग और स्नॉर्कलिंग के लिए यह द्वीप बेहद लोकप्रिय है। - नील द्वीप (अब ‘शहीद द्वीप’)
यह द्वीप शांति और प्राकृतिक हरियाली के लिए प्रसिद्ध है। लक्ष्मणपुर और भरतपुर बीच यहाँ के प्रमुख आकर्षण हैं। - सेल्युलर जेल
ऐतिहासिक दृष्टि से यह एक महत्वपूर्ण स्थल है, जिसे ‘काला पानी’ के नाम से जाना जाता है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के कई वीरों को यहाँ कैद किया गया था। - बाराटांग द्वीप
यहाँ की लाइमस्टोन गुफाएँ और मड वोल्केनो रोमांच के शौकीनों के लिए आकर्षक हैं।
2. लक्षद्वीप – नीले पानी और प्रवाल द्वीपों का जाल
स्थान और संरचना:
अरब सागर में स्थित लक्षद्वीप भारत का सबसे छोटा केंद्रशासित प्रदेश है, जिसमें 36 द्वीप, एटोल और प्रवाल भित्तियाँ शामिल हैं। यहाँ की राजधानी कवरत्ती है।
प्रमुख द्वीप और आकर्षण:
- कवरत्ती
यह लक्षद्वीप की प्रशासनिक राजधानी है और यहाँ की लैगून बेहद सुंदर हैं। यहाँ स्कूबा डाइविंग, कयाकिंग और यॉटिंग का आनंद लिया जा सकता है। - अगत्ती
अगत्ती हवाई मार्ग से जुड़ा द्वीप है। यहाँ का नीला पानी और प्रवाल भित्तियाँ प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श हैं। - बंगारम द्वीप
यह द्वीप विदेशी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र है। यह एकमात्र ऐसा द्वीप है जहाँ शराब पर प्रतिबंध नहीं है। - मिनिकॉय
मिनिकॉय का लाइटहाउस और इसकी संस्कृति, खासकर लोक नृत्य ‘लावा’, यहां की अलग पहचान है।
यात्रा सुझाव और सावधानियाँ
- पर्यावरण संरक्षण:
दोनों द्वीपसमूह इको-सेंसिटिव जोन हैं, इसलिये: पर्यटकों से अपेक्षा की जाती है कि वे प्लास्टिक का प्रयोग न करें और समुद्री जीवन को हानि न पहुँचाएँ, जिससे ये समुद्री स्वर्ग हमेशा स्वच्छ और सुंदर रहे। - विशेष अनुमति:
लक्षद्वीप की यात्रा के लिए विशेष अनुमति (Entry Permit) अनिवार्य है, जिसे पर्यटन विभाग या अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। - सर्वोत्तम समय:
अंडमान की यात्रा के लिए अक्टूबर से मई तक और लक्षद्वीप के लिए नवंबर से मार्च तक का समय सर्वोत्तम माना जाता है।
निष्कर्ष
समुद्री स्वर्ग कहें जाने वाले अंडमान और लक्षद्वीप भारत के ऐसे रत्न हैं, जहाँ प्रकृति अपने सबसे सुंदर रूप में दिखाई देती है। यहाँ की नीली लहरें, सफेद रेत वाले समुद्र तट, समृद्ध समुद्री जीवन और शांत वातावरण हर यात्री को सुकून और रोमांच दोनों का अनुभव कराते हैं। यदि आप भी शहर की भीड़-भाड़ से दूर एक शांत, प्राकृतिक और रोमांचक छुट्टी की तलाश में हैं, तो इन द्वीपों की यात्रा जरूर करें। ये द्वीप केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि भारत की समुद्री सांस्कृतिक विरासत का जीता-जागता प्रमाण हैं। इसके अलावा, इन द्वीपों की जैव विविधता, समुद्री जीवन और स्थानीय संस्कृति को संरक्षित रखने की ज़िम्मेदारी भी हम सभी की है। संतुलित और जिम्मेदार पर्यटन से ही इन प्राकृतिक धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है। एक बार इन द्वीपों की यात्रा कीजिए, यकीन मानिए, ये अनुभव जीवन भर याद रहेगा।
इसे भी पढ़ें।👉Moai Statues of Easter Island: ईस्टर द्वीप की रहस्यमयी मूर्तियों की कहानी